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Ch-2: Lhasa Ki Aur (ल्हासा की ओर)
10 Questions
1. 'ल्हासा की ओर' पाठ के लेखक कौन हैं?
- A. राहुल सांकृत्यायन
- B. प्रेमचंद
- C. महादेवी वर्मा
- D. हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
Answer: A. राहुल सांकृत्यायन
Explanation: 'ल्हासा की ओर' यात्रा वृत्तांत राहुल सांकृत्यायन द्वारा लिखा गया है।
2. लेखक ने तिब्बत की यात्रा किस वेश में की थी?
- A. एक सैनिक के वेश में
- B. एक भिखमंगे (भिखारी) के वेश में
- C. एक व्यापारी के वेश में
- D. एक बौद्ध भिक्षु के वेश में
Answer: B. एक भिखमंगे (भिखारी) के वेश में
Explanation: उस समय भारतीयों को तिब्बत जाने की अनुमति नहीं थी, इसलिए लेखक ने भिखमंगे के छद्म वेश में यात्रा की थी।
3. लेखक के बौद्ध मित्र और मार्गदर्शक का क्या नाम था?
- A. सुमति
- B. नमसे
- C. डोङ्क्पा
- D. लङ्कोर
Answer: A. सुमति
Explanation: राहुल सांकृत्यायन के बौद्ध मंगोल मित्र का नाम सुमति था, जिनकी वहाँ अच्छी जान-पहचान थी।
4. तिब्बत में 'डांडे' किस प्रकार का स्थान माना जाता है?
- A. सबसे सुंदर बाज़ार
- B. सबसे खतरनाक और निर्जन स्थान
- C. धार्मिक पूजा का मुख्य स्थल
- D. हरी-भरी सुंदर घाटी
Answer: B. सबसे खतरनाक और निर्जन स्थान
Explanation: डांडे तिब्बत के सबसे खतरे की जगहें हैं, जो बहुत ऊँचाई पर स्थित हैं और डाकुओं के छिपने का स्थान होती हैं।
5. तिब्बत में उस समय हथियारों का कानून न होने के कारण लोग क्या लेकर घूमते थे?
- A. लाठियों की तरह बंदूक और पिस्तौल
- B. तलवार और ढाल
- C. केवल तीर-कमान
- D. कोई हथियार नहीं रखते थे
Answer: A. लाठियों की तरह बंदूक और पिस्तौल
Explanation: तिब्बत में हथियार का कोई कानून नहीं था, जिसके कारण लोग खुलेआम लाठियों की तरह बंदूकें लेकर घूमते थे।
6. 'लङ्कोर' के मार्ग में लेखक अपने साथियों से क्यों पिछड़ गए थे?
- A. क्योंकि वे रास्ता भूल गए थे
- B. क्योंकि उनका घोड़ा बहुत सुस्त चल रहा था
- C. क्योंकि वे थककर सो गए थे
- D. A और B दोनों
Answer: D. A और B दोनों
Explanation: लेखक का घोड़ा बहुत सुस्त था और वे एक गलत रास्ते पर चले गए थे, जिसके कारण वे पिछड़ गए थे।
7. तिब्बत के भिक्षु 'नमसे' का स्वभाव कैसा था?
- A. क्रोधी और कठोर
- B. भद्र, भद्रपुरुष और स्नेही
- C. लालची और स्वार्थी
- D. घमंडी
Answer: B. भद्र, भद्रपुरुष और स्नेही
Explanation: शेकर बिहार के मुखिया भिक्षु (नमसे) बड़े ही भद्र पुरुष थे और उन्होंने लेखक का बहुत सम्मान से स्वागत किया।
8. 'कुची-कुची' शब्द का तिब्बती भाषा में क्या अर्थ होता है?
- A. दूर रहो
- B. दया-दया (कृपा)
- C. नमस्ते
- D. पानी दो
Answer: B. दया-दया (कृपा)
Explanation: लेखक जब डाकुओं से बचते थे तो जीभ निकालकर 'कुची-कुची' (दया-दया) कहते हुए एक पैसा माँगने लगते थे।
9. लेखक शेकर बिहार में क्या करने लगे, जिसके कारण वे सुमति को यजमानों के पास जाने से नहीं रोक पाए?
- A. वे आराम से सोने लगे
- B. वे हस्तलिखित बुद्ध-वचन (कंजुर) पढ़ने में मग्न हो गए
- C. वे बीमार पड़ गए थे
- D. वे घूमना चाहते थे
Answer: B. वे हस्तलिखित बुद्ध-वचन (कंजुर) पढ़ने में मग्न हो गए
Explanation: लेखक मंदिर में रखी हस्तलिखित बुद्ध-वचन की 103 पोथियाँ (कंजुर) पढ़ने में लीन हो गए थे।
10. 'छंङ' तिब्बत का एक प्रसिद्ध पेय पदार्थ है, यह किससे बनता है?
- A. चाय और मक्खन से
- B. मदिरा / नशीला पेय जो अनाज से बनता है
- C. फल के रस से
- D. ठंडे पानी से
Answer: B. मदिरा / नशीला पेय जो अनाज से बनता है
Explanation: 'छंङ' तिब्बत का एक स्थानीय नशीला पेय (मदिरा) है जिसे लोग शाम के समय पीते हैं।