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Ch-10: Savaiye (सवैये - रसखान)
10 Questions
1. 'सवैये' पाठ के कवि कौन हैं?
- A. कबीरदास
- B. रसखान
- C. सूरदास
- D. तुलसीदास
Answer: B. रसखान
Explanation: कृष्णभक्त कवि रसखान ने ब्रजभूमि और श्रीकृष्ण के प्रति अपने अनुराग को सवैये छंद में व्यक्त किया है।
2. रसखान अगले जन्म में मनुष्य बनने पर कहाँ बसना चाहते हैं?
- A. ब्रज के गोकुल गाँव में
- B. मथुरा के नगर में
- C. काशी में
- D. अयोध्या में
Answer: A. ब्रज के गोकुल गाँव में
Explanation: "मानुष हों तो वही रसखानि, बसौं ब्रज गोकुल गाँव के ग्वारन।" कवि मनुष्य बनने पर गोकुल के ग्वालों के बीच रहना चाहते हैं।
3. पशु बनने पर रसखान किसके साथ चरने की इच्छा व्यक्त करते हैं?
- A. हिरणों के साथ
- B. नन्द की धेनु (गायों) के मँझार
- C. घोड़ों के साथ
- D. पक्षियों के साथ
Answer: B. नन्द की धेनु (गायों) के मँझार
Explanation: "जौ पसु हों तो कहा बसु मेरो, चरौं नित नंद की धेनु मँझार।" कवि नंद की गायों के बीच चरना चाहते हैं।
4. पक्षी बनने पर रसखान किस वृक्ष की डाल पर अपना बसेरा बनाना चाहते हैं?
- A. आम की डाल पर
- B. कदंब की डाल पर (कालिंदी कूल कदंब की डारन)
- C. पीपल की डाल पर
- D. बरगद की डाल पर
Answer: B. कदंब की डाल पर (कालिंदी कूल कदंब की डारन)
Explanation: कवि यमुना तट (कालिंदी) पर स्थित कदंब के पेड़ की डालियों पर बसेरा करना चाहते हैं, जहाँ श्रीकृष्ण लीलाएँ करते थे।
5. श्रीकृष्ण की लाठी (लकुटी) और कमरिया (कमल) पर कवि क्या न्योछावर करने को तैयार हैं?
- A. तीनों लोकों का राज्य
- B. धन-दौलत
- C. अपना सर्वस्व भवन
- D. सोने का महल
Answer: A. तीनों लोकों का राज्य
Explanation: "या लकुटी अरु कामरिया पर राज तिहूँ पुर को तजि डारौं।" कवि तीनों लोकों का राज्य त्यागने को तत्पर हैं।
6. 'कालिंदी' शब्द का क्या अर्थ है?
- A. गंगा नदी
- B. यमुना नदी
- C. सरस्वती नदी
- D. कावेरी नदी
Answer: B. यमुना नदी
Explanation: 'कालिंदी' यमुना नदी का पर्यायवाची शब्द है।
7. गोपी श्रीकृष्ण का कौन-सा रूप धारण करने को तैयार है, लेकिन क्या धारण नहीं करना चाहती?
- A. मुकुट धारण नहीं करना चाहती
- B. अधरों पर रखी मुरली (बांसुरी)
- C. पीतांबर (पीले वस्त्र)
- D. गुंज की माला
Answer: B. अधरों पर रखी मुरली (बांसुरी)
Explanation: "या मुरली मुरलीधर की अधरान धरी अधरा न धरौंगी।" गोपी कृष्ण की मुरली को अपनी सौत मानती है और उसे होठों पर नहीं रखना चाहती।
8. 'आठहूँ सिद्धि नवौ निधि' के सुख को रसखान किसके लिए छोड़ सकते हैं?
- A. ब्रज की कुंजों के लिए
- B. नन्द की गायों को चराने के बदले
- C. यमुना के जल में तैरने के लिए
- D. गोवर्धन पर्वत उठाने के लिए
Answer: B. नन्द की गायों को चराने के बदले
Explanation: "आठहुँ सिद्धि नवौ निधि को सुख नंद की गाइ चराइ बिसारौं।" रसखान नंद की गाय चराने के लिए अष्टसिद्धि और नवनिधि का सुख त्याग सकते हैं।
9. रसखान किस पर्वत का पत्थर (पाहन) बनना चाहते हैं?
- A. हिमालय
- B. गोवर्धन (गिरि)
- C. विंध्याचल
- D. अरावली
Answer: B. गोवर्धन (गिरि)
Explanation: "पाहन हों तो वही गिरि को जो कियो हरिछत्र पुरंदर धारन।" कवि उसी गोवर्धन पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं जिसे कृष्ण ने छत्र की तरह उठाया था।
10. रसखान का मूल नाम क्या था?
- A. सैयद इब्राहिम
- B. रहीम खान
- C. कबीर शाह
- D. मलिक मोहम्मद
Answer: A. सैयद इब्राहिम
Explanation: रसखान का वास्तविक / मूल नाम 'सैयद इब्राहिम' था, जो कृष्णभक्ति में लीन होकर रसखान के नाम से प्रसिद्ध हुए।