1. 'माता का आँचल' पाठ के लेखक कौन हैं?
A. शिवपूजन सहाय
B. कमलेश्वर
C. मधु कांकरिया
D. सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
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उत्तर: A. शिवपूजन सहाय
व्याख्या: 'माता का आँचल' पाठ के लेखक शिवपूजन सहाय हैं, जो उनके प्रसिद्ध उपन्यास 'देहाती दुनिया' का एक अंश है।
2. 'माता का आँचल' पाठ किस उपन्यास का एक अंश है?
A. देहाती दुनिया
B. गोदान
C. मैला आँचल
D. शेखर एक जीवनी
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उत्तर: A. देहाती दुनिया
व्याख्या: यह पाठ शिवपूजन सहाय के प्रसिद्ध आंचलिक उपन्यास 'देहाती दुनिया' से लिया गया है।
3. लेखक का बचपन में क्या नाम रखा गया था?
A. तारकेश्वर नाथ
B. भोलानाथ
C. सोमनाथ
D. अमरनाथ
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उत्तर: A. तारकेश्वर नाथ
व्याख्या: लेखक का वास्तविक नाम तारकेश्वर नाथ था, लेकिन उनके पिता उन्हें प्यार से 'भोलानाथ' कहकर पुकारते थे।
4. लेखक के पिता उन्हें प्यार से क्या कहकर पुकारते थे?
A. भोलानाथ
B. शिवनाथ
C. बाबूजी
D. लल्ला
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उत्तर: A. भोलानाथ
व्याख्या: मस्तक पर भभूत लगाने और सिर पर लंबी जटाएँ होने के कारण पिता उन्हें 'भोलानाथ' कहते थे।
5. भोलानाथ के पिता सुबह उठकर पूजा-पाठ करने के बाद रामनामा बही में कितनी बार 'राम' नाम लिखते थे?
A. 500 बार
B. 1000 बार
C. 108 बार
D. 51 बार
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उत्तर: A. 500 बार
व्याख्या: पूजा के बाद बाबूजी अपनी रामनामा बही में 500 बार 'राम' नाम लिखा करते थे।
6. बाबूजी आटे की गोलियाँ बनाकर किसे खिलाते थे?
A. मछलियों को
B. पक्षियों को
C. गायों को
D. कुत्तों को
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उत्तर: A. मछलियों को
व्याख्या: बाबूजी गंगा जी के तट पर जाकर आटे की पाँच सौ गोलियाँ एक-एक करके मछलियों को खिलाते थे।
7. बाबूजी मछलियों को आटे की गोलियाँ खिलाते समय भोलानाथ को कहाँ बैठाते थे?
A. अपने कंधे पर
B. नाव में
C. पेड़ की डाल पर
D. किनारे पत्थर पर
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उत्तर: A. अपने कंधे पर
व्याख्या: बाबूजी भोलानाथ को कंधे पर बैठाकर गंगा किनारे ले जाते और मछलियों को गोलियाँ खिलाते थे।
8. भोलानाथ के सिर पर कैसी जटाएँ थीं?
A. लंबी-लंबी
B. छोटी-छोटी
C. घुंघराली
D. कटी हुई
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उत्तर: A. लंबी-लंबी
व्याख्या: भोलानाथ के सिर पर लंबी-लंबी जटाएँ थीं, जिससे भभूत लगाने पर वे बिल्कुल 'बम-भोला' लगते थे।
9. माँ भोलानाथ को कड़वा तेल (सरसों का तेल) लगाकर क्या बनाती थीं?
A. कन्हैया
B. राजा
C. साधु
D. सिपाही
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उत्तर: A. कन्हैया
व्याख्या: माँ उनके सिर पर सरसों का तेल लगाकर, चोटी गूँथकर और रंगीन कुरता-टोपी पहनाकर उन्हें 'खासा कन्हैया' बना देती थीं।
10. बच्चे घरौंदा बनाते समय दीये के तराज़ू से क्या तौलते थे?
A. मिट्टी के ढेले को मिठाई बनाकर
B. अनाज
C. फल
D. कंकड़
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उत्तर: A. मिट्टी के ढेले को मिठाई बनाकर
व्याख्या: बच्चे दुकान लगाकर दीये के पलड़ों से मिट्टी के ढेलों को मिठाई मानकर तौला करते थे।
11. बच्चों के खेल में 'जौनार' का क्या अर्थ है?
A. दावत या भोज
B. शादी
C. खेल-कूद
D. मेला
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उत्तर: A. दावत या भोज
व्याख्या: पाठ में 'जौनार' शब्द का प्रयोग पंगत या दावत (भोज) के अर्थ में हुआ है।
12. बच्चे बारात का जुलूस निकालते समय किसे दूल्हा बनाते थे?
A. अपनी मंडली के किसी बच्चे (जैसे बटोही या बे Sever/मित्र) को
B. बाबूजी को
C. कपड़े के पुतले को
D. किसी को नहीं
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उत्तर: A. अपनी मंडली के किसी बच्चे (जैसे बटोही या बे Sever/मित्र) को
व्याख्या: बच्चे चूहेदानी की पालकी बनाकर अपनी ही मंडली के बच्चे को समधी या दूल्हा बनाकर बारात निकालते थे।
13. बारात वापस आने पर बाबूजी जब दुल्हन का घूँघट उठाकर देखते, तो बच्चे क्या करते थे?
A. हँसकर भाग जाते थे
B. रोने लगते थे
C. गुस्सा हो जाते थे
D. वहीं खड़े रहते थे
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उत्तर: A. हँसकर भाग जाते थे
व्याख्या: जैसे ही बाबूजी दुल्हन का मुँह निहारने के लिए उघारते, बच्चे खिलखिलाकर भाग जाते थे।
14. 'मुसन तिवारी' को बच्चों ने क्यों चिढ़ाया था?
A. क्योंकि वे कम देखते थे और बच्चों को बैजू ने चिढ़ाया था
B. क्योंकि वे बहुत कठोर थे
C. क्योंकि वे मिठाई नहीं देते थे
D. क्योंकि वे दौड़ नहीं सकते थे
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उत्तर: A. क्योंकि वे कम देखते थे और बच्चों को बैजू ने चिढ़ाया था
व्याख्या: बैजू ने मूषण तिवारी को देखकर चिढ़ाया था—'बुढ़वा मसान माँगे करेले की तान', जिसके बाद सब बच्चे भी दोहराने लगे।
15. मूषण तिवारी ने बच्चों की शिकायत कहाँ की?
A. पाठशाल (स्कूल) के गुरुजी से
B. भोलानाथ के पिता से
C. गाँव के सरपंच से
D. पुलिस थाने में
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उत्तर: A. पाठशाल (स्कूल) के गुरुजी से
व्याख्या: मूषण तिवारी सीधे पाठशाला गए और गुरुजी से बच्चों की शिकायत कर दी।
16. गुरुजी ने लड़कों को पकड़कर लाने के लिए किसे भेजा?
A. पाठशाला के चार छात्रों को
B. पुलिस को
C. चपरासी को
D. मूषण तिवारी को
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उत्तर: A. पाठशाला के चार छात्रों को
व्याख्या: गुरुजी ने पाठशाला के चार कड़े लड़कों को भोलानाथ और बैजू को पकड़ लाने के लिए भेजा।
17. जब बाबूजी भोलानाथ को गोदी में लेकर समझा रहे थे, तब भोलानाथ क्या कर रहे थे?
A. सिसक-सिसक कर रो रहे थे
B. हँस रहे थे
C. सो रहे थे
D. बातें कर रहे थे
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उत्तर: A. सिसक-सिसक कर रो रहे थे
व्याख्या: गुरुजी की डाँट के डर से भोलानाथ रोते-रोते सिसकियाँ भर रहे थे।
18. बच्चों ने टीले पर जाकर किसके बिल में पानी डालना शुरू किया?
A. चूहे के बिल में
B. साँप के बिल में
C. चींटी के बिल में
D. खरगोश के बिल में
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उत्तर: A. चूहे के बिल में
व्याख्या: बच्चे सोच रहे थे कि बिल में चूहा है और वे उसमें उलीच-उलीचकर पानी डालने लगे।
19. चूहे के बिल से कौन निकल आया?
A. नाग (साँप)
B. नेवला
C. बिच्छू
D. बड़ा चूहा
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उत्तर: A. नाग (साँप)
व्याख्या: पानी डालने पर बिल में से चूहे की जगह एक काला साँप निकल आया।
20. साँप को देखकर बच्चों की क्या हालत हुई?
A. वे रोते-चिल्लाते बेतहाशा भागे
B. वे वहीं खड़े होकर देखने लगे
C. वे साँप को मारने लगे
D. वे फोटो खींचने लगे
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उत्तर: A. वे रोते-चिल्लाते बेतहाशा भागे
व्याख्या: डर के मारे बच्चे लहूलुहान और गिरते-पड़ते बदहवास होकर भागे।
21. भागते समय भोलानाथ के शरीर पर क्या चोटें आईं?
A. पैर छिल गए और तालू में काँटे बिंध गए
B. हाथ टूट गया
C. सिर फूट गया
D. कोई चोट नहीं आई
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उत्तर: A. पैर छिल गए और तालू में काँटे बिंध गए
व्याख्या: काँटों और काँटो भरे खेतों से भागने के कारण भोलानाथ के पैर छिल गए और शरीर में जगह-जगह काँटे गड़ गए।
22. साँप से डरकर भागते हुए भोलानाथ सीधे किसकी शरण में गए?
A. माँ के आँचल में
B. बाबूजी की गोदी में
C. गुरुजी के पास
D. मित्र के घर
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उत्तर: A. माँ के आँचल में
व्याख्या: भयानक भय की स्थिति में भोलानाथ बाबूजी को लांघकर सीधे माँ की गोद और उनके आँचल में जा छिपे।
23. माँ ने भोलानाथ के घावों पर क्या लगाया?
A. पिसकर हल्दी
B. दवाई
C. कड़वा तेल
D. माखन
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उत्तर: A. पिसकर हल्दी
व्याख्या: माँ ने तुरंत हल्दी पीसकर भोलानाथ के घावों पर लगाई।
24. संकट या अत्यधिक भय के समय बालक को किसकी शरण में सबसे अधिक सुरक्षा महसूस होती है?
A. माता की
B. पिता की
C. दोस्तों की
D. शिक्षक की
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उत्तर: A. माता की
व्याख्या: यद्यपि भोलानाथ का अधिकांश समय पिता के साथ बीतता था, फिर भी संकट में परम ममता और सुरक्षा उन्हें माँ के आँचल में ही मिली।
25. 'माता का आँचल' पाठ में किस संस्कृति का सुंदर चित्रण किया गया है?
A. ग्रामीण संस्कृति का
B. शहरी संस्कृति का
C. पाश्चात्य संस्कृति का
D. औद्योगिक संस्कृति का
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उत्तर: A. ग्रामीण संस्कृति का
व्याख्या: इस पाठ में 1920 के दशक के भारतीय ग्रामीण जीवन, बच्चों के प्राकृतिक खेल और बाल-सुलभ क्रीड़ाओं का सजीव वर्णन है।
26. भोलानाथ की माँ उन्हें पक्षियों के नाम से कौर बनाकर क्यों खिलाती थीं?
A. ताकि भोलानाथ हँसते-हँसते सारा खाना खा ले
B. पक्षियों को बुलाने के लिए
C. कहानियाँ सुनाने के लिए
D. डराने के लिए
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उत्तर: A. ताकि भोलानाथ हँसते-हँसते सारा खाना खा ले
व्याख्या: माँ यह कहकर कौर खिलाती थीं कि 'खा लो नहीं तो तोता/मैना उड़ जाएँगे', और भोलानाथ उड़ने से पहले ही उन्हें खा जाते थे।
27. 'मसान' शब्द का क्या अर्थ है?
A. श्मशान
B. मकान
C. दुकान
D. मैदान
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उत्तर: A. श्मशान
व्याख्या: ग्रामीण बोली में 'मसान' शब्द का प्रयोग श्मशान के लिए किया जाता है।
28. बाबूजी रामायण का पाठ करते समय भोलानाथ आईने में क्या देखते थे?
A. अपना मुँह निहारते थे
B. बाबूजी को देखते थे
C. चित्र देखते थे
D. पुस्तक देखते थे
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उत्तर: A. अपना मुँह निहारते थे
व्याख्या: जब बाबूजी पाठ करते थे, तो भोलानाथ उनके पास बैठकर शीशे में अपना चेहरा देखकर खुश होते थे।
29. जब बाबूजी भोलानाथ की तरफ देखते, तो भोलानाथ शीशे का क्या करते थे?
A. लजाकर और मुस्कुराकर नीचे रख देते थे
B. तोड़ देते थे
C. छिपा लेते थे
D. फेंक देते थे
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उत्तर: A. लजाकर और मुस्कुराकर नीचे रख देते थे
व्याख्या: बाबूजी के देखने पर भोलानाथ शर्माकर आईना नीचे रख देते थे, जिससे पिता भी मुस्कुरा पड़ते थे।
30. इस पाठ से हमें माँ के चरित्र की किस मुख्य विशेषता का पता चलता है?
A. निश्चल, असीम वात्सल्य और ममतामयी स्वरूप का
B. कठोरता का
C. अनुशासनप्रियता का
D. उपेक्षा का
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उत्तर: A. निश्चल, असीम वात्सल्य और ममतामयी स्वरूप का
व्याख्या: पाठ यह दर्शाता है कि माँ की गोद और उसका आँचल बालक के लिए संसार का सबसे सुरक्षित और स्नेहमयी आश्रय होता है।