NCERT Solutions for Class 10 Hindi Path-12: Mata Ka Anchal
'माता का आँचल' शिवपूजन सहाय की आत्मकथात्मक रचना 'मेरा बचपन' का एक अंश है, जिसमें लेखक अपने बचपन के सुखद क्षणों, पिता के साथ खेल-कूद, तथा संकट के समय माँ की गोद में मिलने वाली असीम सुरक्षा और स्नेह का वर्णन करते हैं।
पाठ का सार एवं मुख्य बिंदु
पाठ्यपुस्तक के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न: लेखक के बचपन में पिता के साथ उनका संबंध कैसा था?
उत्तर: लेखक के पिता उनके साथ मित्रवत व्यवहार करते थे और उनके साथ विभिन्न खेलों में शामिल होते थे, जैसे कि पात्र भरने, मिट्टी के खिलौने बनाने आदि खेलों में, जिससे उनके बीच एक आत्मीय एवं आनंददायक संबंध बना रहता था।
प्रश्न: लेखक अपने बचपन के किन खेलों का वर्णन करते हैं?
उत्तर: लेखक विभिन्न ग्रामीण बाल-खेलों का वर्णन करते हैं जैसे कीचड़ में खेलना, मेढक पकड़ना, पौधे रोपना, तथा अपने साथियों के साथ मिट्टी के बर्तन बनाकर खेलना, जो उस समय के सरल ग्रामीण बचपन की झलक प्रस्तुत करते हैं।
प्रश्न: संकट या भय के क्षणों में बालक (लेखक) को किसकी याद सबसे पहले आती थी?
उत्तर: भय या संकट के क्षणों में, चाहे कितना भी पिता के साथ खेल-कूद में मग्न रहा हो, बालक को सबसे पहले अपनी माँ की याद आती थी, क्योंकि माँ के आँचल में उसे असीम सुरक्षा, स्नेह और सांत्वना का अनुभव होता था।
प्रश्न: इस पाठ के माध्यम से लेखक क्या संदेश देना चाहते हैं?
उत्तर: लेखक यह संदेश देना चाहते हैं कि पिता का साथ आनंद और मित्रता प्रदान करता है, परंतु माँ का स्नेह और उसका आँचल एक ऐसी असीम सुरक्षा एवं भावनात्मक शरण प्रदान करता है, जिसकी तुलना किसी अन्य रिश्ते से नहीं की जा सकती।